आशा का केन्द्र
गौरवान्वित हूं कि मैं बेसिक स्कूल में अध्यापिका हूं
मेरे विद्यालय के बच्चे आशान्वित है
भयभीत नहीं है अभिभावक फीस हेतु
बस प्रतीक्षारत है विद्यालय खुलने के लिए
हमारी रसोईया व्यवस्था कर रही है लाखों भूखों के लिए
मेरे बच्चों की खिलखिला हटे फिर लौट आएंगी
जिंदगी हमारे विद्यालय में फिर मुस्कुराए गी
हां संबलआर्थिक तो है पर, उससे कहीं ज्यादा
मानसिक संतुष्टि प्रदान कर जाते हैं जब विचार
मन में यह आते हैं कि जिन्हें कोई नही पढाता
उन्हे हम पढ़ाते हैं
गौरवान्वित हूं कि मैं बेसिक स्कूल में अध्यापिका हूं
इँँदु सिंह
That's why we're proud of you
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